वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस का एक बार फिर मानवीय और सराहनीय चेहरा सामने आया है नेपाल से वाराणसी घूमने आए कुछ छात्रों का महंगा एप्पल मोबाइल फोन चेतगंज क्षेत्र में कहीं गुम हो गया था छात्रों को उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन वापस मिल पाएगा, लेकिन चेतगंज पुलिस की तत्परता और सूझबूझ ने न सिर्फ मोबाइल को खोज निकाला बल्कि उसे उसके असली मालिक तक भी पहुंचा दिया।

दरअसल, नेपाल से वाराणसी आए छात्रों का एप्पल आईफोन चेतगंज क्षेत्र में कहीं खो गया था। इसी दौरान यह मोबाइल पान दरीबा चौकी प्रभारी को मिला। मोबाइल में कोई सिम कार्ड नहीं था और न ही मोबाइल स्वामी का कोई सीधा संपर्क उपलब्ध था। ऐसे में मोबाइल के असली मालिक तक पहुंचना पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया।

पान दरीबा चौकी प्रभारी ने हार नहीं मानी और तकनीकी सहायता लेने का निर्णय लिया। उन्होंने तकनीक की जानकारी रखने वाले युवा नमन को बुलाया और पूरी स्थिति बताई। नमन ने कुछ घंटों का समय मांगा और मोबाइल पर आने वाले फेसबुक नोटिफिकेशन के आधार पर मोबाइल मालिक की पहचान करने का प्रयास शुरू कर दिया।
तकनीकी सूझबूझ और लगातार प्रयास के बाद आखिरकार मोबाइल के मालिक छात्रों से संपर्क स्थापित हो गया। इसके बाद छात्रों को चेतगंज थाने बुलाया गया, जहां थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला ने उन्हें उनका एप्पल मोबाइल सकुशल वापस सौंप दिया।
जिस मोबाइल के मिलने की उम्मीद छात्रों ने लगभग छोड़ दी थी, वह जैसे ही उनके हाथों में पहुंचा, उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। छात्र बार-बार पुलिसकर्मियों का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त करते नजर आए। उन्होंने वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की ईमानदारी, संवेदनशीलता और तत्परता की जमकर सराहना की।
यह घटना सिर्फ एक मोबाइल मिलने की नहीं, बल्कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास की मजबूत होती डोर की कहानी है। चेतगंज पुलिस की इस सराहनीय पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि लोगों की उम्मीदों और भरोसे की भी रक्षक है।






