वेस्ट एशिया तनाव और भारत की तैयारी पर सवाल-राज्यसभा सांसद सैय्यद नासिर हुसैन का बड़ा बयान

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वाराणसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर बहस तेज हो गई है सोशल मीडिया से लेकर ग्लोबल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक इस मुद्दे पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं इसी बीच सैयद नासिर हुसैन जो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रहे हैं, उन्होंने इस पूरे मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि स्थिति को नियंत्रित करने के नाम पर अचानक कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि इसके लिए पहले से कोई ठोस तैयारी नहीं थी सैयद नासिर हुसैन ने अमेरिका और इज़राइल से भी जवाब मांगते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए जा रहे तर्क वैश्विक स्तर पर लोगों को संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप की अपील के बावजूद, इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन जैसे पुराने सहयोगी देश अभी तक इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं हुए हैं
भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया में चल रहे इस संघर्ष का असर देश पर पड़ सकता है, लेकिन सरकार की ओर से इसके लिए पर्याप्त तैयारी दिखाई नहीं दे रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश आज भी बड़ी मात्रा में पेट्रोल, डीजल और गैस के लिए आयात पर निर्भर है ऐसे में अगर वैश्विक संकट गहराता है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा इसके अलावा एयरपोर्ट के निजीकरण को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए उनका कहना है कि नरेन्द्र मोदी सरकार के दौरान कई एयरपोर्ट निजी कंपनियों को दिए गए हैं, जिनमें गौतम अडानी समूह का नाम प्रमुख रूप से सामने आता है।

कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी सरकार के संचार और तैयारी को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी, और अब वैसी ही स्थिति दोबारा देखने को मिल रही है अंत में उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह संभावित वैश्विक संकट से निपटने के लिए कितनी तैयार है और आम जनता को इससे बचाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।