जाति प्रमाण पत्र के लिए 6 माह से भटक रहा परिवार, लेखपाल पर घूस मांगने व उत्पीड़न का आरोप

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वाराणसी गोंड जनजाति प्रमाण पत्र न मिलने से बच्चों की पढ़ाई व योजनाओं का लाभ प्रभावित तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम कुरहुओं बालीपुर निवासी एक परिवार ने क्षेत्रीय लेखपाल पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने में अनावश्यक विलंब, मानसिक प्रताड़ना और घूस मांगने का गंभीर आरोप लगाया है इस संबंध में पीड़ित ने तहसीलदार सदर को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।


प्रार्थी सतीश गोड पुत्र शंकर राम ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के लिए गोंड (अनुसूचित जनजाति) जाति प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन संख्या 281970030050230 सहित अन्य आवेदन किए थे। आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल रणजीत जायसवाल पिछले लगभग छह महीनों से उन्हें लगातार टालमटोल कर रहे हैं और रिपोर्ट लगाने में देरी कर रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार, पूर्व में किए गए एक आवेदन (संख्या 261970030050230) को 7 फरवरी 2026 को साक्ष्य अधूरा बताकर निरस्त कर दिया गया था, जबकि सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा चुके थे इसके बावजूद अब तक मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।


सतीश गोड ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र न होने के कारण उनके बच्चों के स्कूल में प्रवेश, शिक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखपाल द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से घूस की मांग भी की जा रही है, जिससे परिवार मानसिक रूप से परेशान है प्रार्थी ने तहसीलदार से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए संबंधित लेखपाल को तत्काल रिपोर्ट लगाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि सत्यापन के आधार पर उनके परिवार को गोंड जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सके।