
वाराणसी विकास प्राधिकरण यानी VDA चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल परिसर में “अर्बन हाट” विकसित करने जा रहा है यह अर्बन हाट ना सिर्फ खरीदारी का केंद्र होगा, बल्कि काशी की संस्कृति, खान-पान और लोक कला का जीवंत मंच भी बनेगा।
प्रस्तावित अर्बन हाट में बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने, धातु शिल्प, गुलाबी मीनाकारी सहित कई GI-टैग उत्पादों की दुकानें बनाई जाएंगी खास बात यह होगी कि यहां स्थानीय कारीगर और बुनकर सीधे अपने उत्पाद बेच सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

परियोजना के तहत कुल 26 हस्तशिल्प दुकानें, 15 व्यावसायिक दुकानें और 10 फूड किओस्क विकसित किए जाएंगे फूड ज़ोन में बनारस के प्रसिद्ध व्यंजन और पारंपरिक भारतीय भोजन उपलब्ध रहेगा, जिससे पर्यटकों को काशी के स्वाद और संस्कृति का अनूठा अनुभव मिलेगा।
अर्बन हाट परिसर में एक भव्य ओपन एयर थिएटर भी बनाया जाएगा, जहां लोक संगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे इसके अलावा ग्राम्य थीम आधारित रेस्टोरेंट, आकर्षक जल निकाय, केंद्रीय प्रांगण, बच्चों के लिए किड्स ज़ोन और सांस्कृतिक जानकारी देने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर भी विकसित किया जाएगा।
करीब 7 हजार 517 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनने वाला यह परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा यहां हेल्पडेस्क, सार्वजनिक शौचालय और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी वरुणा नदी के समीप स्थित यह स्थल शहर के कई प्रमुख इलाकों से आसानी से जुड़ा रहेगा।
VDA का मानना है कि इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही स्थानीय कलाकारों, बुनकरों और छोटे व्यापारियों को नए अवसर भी प्राप्त होंगे “वोकल फॉर लोकल” और “एक जिला एक उत्पाद” जैसी योजनाओं को मजबूती देने वाला यह अर्बन हाट “नव्य काशी” की परिकल्पना को नई दिशा देगा।







