
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पर्यावरण संरक्षण और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए नगर निगम ने एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है। शनिवार को नगर निगम में ‘नो फ्यूल डे’ मनाया गया, जिसके तहत आला अधिकारियों से लेकर आम कर्मचारियों तक ने पेट्रोल और डीजल वाहनों को पूरी तरह से अलविदा कह दिया।

वहीं अभियान की कमान खुद शहर के प्रथम नागरिक महापौर अशोक कुमार तिवारी ने संभाली। महापौर धूप से बचने के लिए हाथ में छाता लगाकर अपने घर से पैदल ही नगर निगम कार्यालय के लिए निकल पड़े। उन्हें पैदल दफ्तर आते देख हर कोई उनके इस जज्बे की सराहना कर रहा था।

वहीं दूसरी ओर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कचहरी स्थित अपने आवास से ई-स्कूटी (इलेक्ट्रिक दुपहिया) चलाकर निगम कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों में इस मुहिम को लेकर खासा उत्साह देखा गया। नगर आयुक्त के गनर, पीए और अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार एक साथ ई-रिक्शा में सवार होकर कार्यालय पहुंचे। वहीं शहर के अन्य ज़ोन जैसे आदमपुर ज़ोन कार्यालय में सहायक नगर आयुक्त पवन कुमार गुप्ता भी ई रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे।

शीर्ष अधिकारियों के इस बदले रुख से प्रेरणा लेते हुए निगम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी अपनी गाड़ियां घर पर ही छोड़कर साइकिल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक परिवहन) या इलेक्ट्रिक वाहनों से दफ्तर आए।







