एक ऐसा कोतवाल ,जिसका योगी भी नही कर पाएंगे ट्रांसफर । थाने का हर पुलिस वाला पहले देता हैं यहां हाजरी ।।
सूबे के 2017 के विधान सभा के चुनावों में कानून व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा बना था और मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही कानून व्यवस्था सुधारने के लिए आदित्यनाथ योगी ने पुलिस के डीजीपी से लेकर एक बिट सिपाही तक के ट्रांसफर किये कुर्सी संभालने के बाद लगभग 800 से ज्यादा छोटे बड़े पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर किये गए लेकिन योगी राज़ में एक थाने का कोतवाल ऐसा है जिसके ट्रांसफर की बात मुख्यमंत्री तो क्या कोई सोच भी नही सकता क्योंकि इस थाने के कोतवाल साहेब के सामने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सर झुकाते हैं आईए मिलते हैं ऐसे दबंग कोतवाल से जिसे इनकी कुर्सी से कोई हटाने की हिम्मत भी नही कर सकता है।
वैसे तो आम तौर पर हर पुलिस थाने में देवी देवताओ के तस्वीर लगी रहती हैं लेकिन आज हमको दिखाएंगे की धर्म की नगरी काशी के कोतवाली थाने में किस प्रकार स्वयं बाबा काल भैरव थाना प्रभारी निरीक्षक की कुर्सी पर बैठ कर अपनी ड्यूटी में लगे है शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाये हुए हैं ,
वाराणसी के कोतवाली थाने में थाना प्रभारी की कुर्सी पर बाबा काल भैरव बकायदे ड्यूटी पर लगे हैं और उनके बगल की कुर्सी पर थाना प्रभारी बैठ कर आम लोगो की फ़रियाद को सुनते हैं। बाबा का नाम जिस प्रकार काशी में कोतवाल के रूप में है ठीक उसी प्रकार बाबा शहर के कोतवाल की कुर्सी पर बाबा विराजमान हैं और शहर में बाबा का मंदिर भी कोतवाली थाना क्षेत्र में ही हैं
काशी में बाबा काल भैरव का प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर शहर के मैदागिन क्षेत्र में स्थित है जहाँ अपने पापों से मुक्ति के लिए बाबा के दर्शन को जाते हैं.
ये हैं काशी के असली कोतवाल बाबा काल भैरव जो महा काल के स्वरुप में काशी में विराजते हैं. भगवान शंकर की इस नगरी में उनके बाद बाबा काल भैरव का सबसे बड़ा स्थान है. बाबा विश्वनाथ इस शहर के राजा हैं और बाबा काल भैरव इस शहर के रक्षक। बाबा विश्वनाथ की इस नगरी में बाबा काल भैरव की मर्ज़ी चलती हैं क्योंकि इस शहर की वयवस्था को वे ही सँभालते हैं. बाबा काल भैरव मंदिर के पुजारी सुमित उपाध्याय ने बताया कि शहर के कोतवाली ठाणे की कुर्सी पर बाबा को इसलिए विराजमान है ताकि बाबा ड्यूटी पर रहते हुए शहर में सबकी सुरक्षा और कोई अनहोनी घटना न हो सके। इसलिए थाना इंचार्ज बगल की कुर्सी पर बैठते है और मार्गदर्शन करते हैं। और शहर के जो भी अधिकारी ट्रांसफर होकर आता हैं सबसे पहले बाबा का दर्शन करता हैं। उसके बाद ही अपना पदग्रहण करते हैं
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब से इस सृष्टि की रचना हुई हैं तब से काशी की देखभाल काशी के कोतवाल के नाम से पहचाने जाने वाले बाबा काल भैरव ही करते हैं। और सबसे बड़ी बात तो ये है की शहर के कोतवाली थाने के प्रभारी बाबा काल भैरव हैं शायद इसलिए ही इस थाने का आजतक किसी भी अधिकारी द्वारा मुआयना नहीं किया गया। और जो उच्च अधिकारीगण बनारस आते है सर्वप्रथम काशी के कोतवाल का दर्शन करते हैं।
हर बड़ा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सबसे पहले बाबा काल भैरव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद और इस शहर में रहने की उनसे इज़ाज़त लेता है उसके बाद अपना काम शुरू करता है.ऐसी मान्यता इस लिए भी है क्योंकि यह माना जाता है कि इस शहर में सब कुछ बाबा काल भैरव की मर्ज़ी से ही होता है.







