गांव की प्रतिभा को मिलेगा बड़ा मंच, डैक्सन फिल्म की नई पहल

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ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को अब एक नई पहचान मिलने जा रही है बेहतर अवसरों की तलाश में अब तक गांवों से शहरों की ओर पलायन करने वाले युवाओं और बच्चों के लिए यह पहल एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है डैक्सन फिल्म के बैनर तले शुरू किए गए इस प्रयास का उद्देश्य गांव के छोटे कलाकारों को एक बड़ा मंच देना है, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें।


इस पहल के तहत गांव के बच्चों और युवाओं को वेब सीरीज, हिन्दी और भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर मिलेगा खास बात यह है कि इसकी शुरुआत सीधे गांव से की गई है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को उनके अपने परिवेश में ही पहचान मिल सके।

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. एस.पी. वर्मा ने कहा कि गांव के बच्चे प्रतिभा के मामले में किसी से कम नहीं हैं, लेकिन उन्हें सही मंच नहीं मिल पाता उन्होंने कहा,”अब समय आ गया है कि गांव की प्रतिभा को गांव से ही पहचान दिलाई जाए, ताकि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।”

कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी इस पहल की जमकर सराहना की मनोज गोंड, अध्यक्ष, गोंड आदिवासी संघ ने कहा कि यह प्रयास ग्रामीण समाज के लिए मील का पत्थर साबित होगा और इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा मिलेगी आनन्द सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं को सही मंच देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगी।

वहीं रुद्र प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष, वाराणसी व्यापार मंडल ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया विनोद यादव (स्थानीय) और पारस नाथ राजभर (स्थानीय) ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांव के बच्चों को आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाने का सुनहरा अवसर मिलेगा इस पहल के माध्यम से बच्चों को अभिनय, नृत्य और संवाद अदायगी जैसी विधाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उन्हें फिल्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा इससे न केवल उनकी प्रतिभा निखरेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।