टूटी हॉकी से भारतीय टीम तक, सीर गोवर्धन के राहुल ने रचा स्वर्णिम इतिहास

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टूटी हॉकी से भारतीय टीम तक सीर गोवर्धन के राहुल ने रचा स्वर्णिम इतिहास,मामा से सीखी हॉकी की बारीकियां एशिया कप में भारत को दिलाया स्वर्ण अब ओलंपिक पदक पर नजर
वाराणसी कभी मामा की टूटी हुई हॉकी स्टिक से गेंद को हिट करने वाला एक बालक आज भारतीय टीम की जर्सी पहनकर देश को स्वर्ण पदक दिला रहा है यह कहानी है वाराणसी के सीर गोवर्धन गांव के 16 वर्षीय राहुल यादव की जिन्होंने संघर्ष समर्पण और अथक मेहनत के बल पर सफलता की नई मिसाल कायम की है। जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में राहुल यादव ने मिडफील्डर के रूप में शानदार प्रदर्शन किया भारतीय टीम ने मेजबान जापान को उसी की धरती पर हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि ने न केवल देश का गौरव बढ़ाया बल्कि वाराणसी के इस युवा खिलाड़ी को भी नई पहचान दिलाई।
राहुल का जीवन संघर्षों से भरा रहा है सीमित संसाधनों वाले परिवार में जन्मे राहुल के पिता सुभाष यादव साड़ी कारखाने में कार्यरत हैं बचपन से ही राहुल अपने मामा कमलेश कुमार यादव के साथ रहे मामा को हॉकी खेलते देख उनके भीतर भी इस खेल के प्रति रुचि पैदा हुई हॉकी की शुरुआती शिक्षा राहुल को अपने मामा से ही मिली अभ्यास के लिए नई हॉकी स्टिक उपलब्ध नहीं थी इसलिए मामा की पुरानी और टूटी हुई हॉकी ही उनके अभ्यास का साधन बनी उसी टूटी स्टिक से शुरू हुआ सफर आज भारतीय टीम तक पहुंच चुका है।
राहुल कहते हैं कि भारतीय टीम में जगह बनाना उनके सफर का अंतिम लक्ष्य नहीं है उनका सपना ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है राहुल का कहना है देश के लिए खेलना गर्व की बात है मेरा लक्ष्य ओलंपिक में भारत का तिरंगा ऊंचा लहराना है।
राहुल की सफलता के पीछे उनके कोच रजनीश मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है राहुल बताते हैं कि कोच हर मैच के बाद उनकी कमियों को बताते हैं और लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं वहीं हॉकी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं निदेशक खेल डॉ. आरपी सिंह खिलाड़ियों को खेल के साथ मानसिक मजबूती और रणनीति का महत्व भी समझाते हैं।
राहुल के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ वर्ष 2023 में आया जब उनका चयन खेल छात्रावास लखनऊ में हुआ यहां मिले आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाओं ने उनकी प्रतिभा को नई दिशा दी इसके बाद उन्होंने तेजी से प्रगति की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हासिल किया। सोमवार को हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह, सचिव केबी रावत एवं अन्य पदाधिकारी राहुल के आवास पहुंचे उन्होंने राहुल और उनके मामा कमलेश यादव को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया तथा भविष्य में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया राहुल यादव की यह सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।