
धर्म और अध्यात्म की नगरी वाराणसी में आज गंगा दशहरा पर्व पूरे श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ मनाया गया ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा बाबा श्री काशी विश्वनाथ धाम में विविध धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का भव्य आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया

सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी मंदिर परिसर हर-हर महादेव और गंगा मैया के जयकारों से गूंज उठा इस विशेष अवसर पर मंदिर के घाट पर मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां गंगा की भव्य आरती उतारी गई जिसके बाद मां गंगा का विशेष अभिषेक संपन्न कराया गया।

इसके उपरांत धाम परिसर में स्थापित मां गंगा के विग्रह का भी पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया मंदिर के अर्चकों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ विशेष अनुष्ठान संपन्न कराए गए जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं ताकि मानव जाति का कल्याण हो सके कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का पुण्य फल मिलता है।

गंगा दशहरा के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां गंगा और बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की मंदिर न्यास के अधिकारियों कर्मचारियों और अर्चकगण की मौजूदगी में पूरे कार्यक्रम को भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न कराया गया

श्रद्धालुओं का कहना है कि काशी में गंगा दशहरा का विशेष महत्व है और बाबा विश्वनाथ की नगरी में मां गंगा की आराधना करने का अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है धाम परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा और श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर मां गंगा और बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए।






