
वाराणसी के ग्राम सभा मधईपुर में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ के तत्वावधान में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का शहादत दिवस श्रद्धा, सम्मान और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गोंड समाज के लोगों ने भाग लेकर भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के उत्थान में उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत गोंड समाज के आराध्य देव बड़ा देव के पूजा-अर्चन के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम स्थल पर भगवान बिरसा मुंडा के विचारों और उनके संघर्षों को याद करते हुए समाज के लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ, नई दिल्ली के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयपुर मूर्ति भंडार के संचालक आदरणीय संजय कुमार गोंड का अंगवस्त्र, माल्यार्पण और स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। इसके साथ ही मंच पर उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी एवं अधिवक्ता आदरणीय सूर्य कुमार गोंड, अमर नाथ गोंड, छेदी गोंड, मास्टर मोहन गोंड, ग्राम प्रधान अजय कुमार, कार्यालय अध्यक्ष बंगाली राम गोंड, कार्यक्रम निवेदक सुरेश राम गोंड, केशव प्रसाद गोंड, मास्टर दिलीप गोंड सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का भी अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनकी लड़ाई आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित समाज के लोगों ने आदिवासी समाज की एकता, शिक्षा और सामाजिक विकास पर भी चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और महापुरुषों के इतिहास से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भगवान बिरसा मुंडा का बलिदान केवल आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का प्रतीक है।
इस अवसर पर विजय गोंड, धरमेश गोंड, गुड्डू गोंड, मुकेश गोंड, विशाल गोंड, औधेश गोंड, लाला जी गोंड, गुड्डी देवी, गुड़िया देवी, सीला देवी, रेखा देवी, मीरा गोंड, उषा देवी, धीरज गोंड, मेवालाला गोंड, रामजी गोंड, श्यामा देवी, आकाश गोंड सहित बड़ी संख्या में गोंड समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता और भगवान बिरसा मुंडा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया।

ग्राम सभा मधईपुर में आयोजित यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान को याद करने के साथ-साथ समाज में एकता, जागरूकता और सामाजिक उत्थान का संदेश देने वाला साबित हुआ। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि आज भी भगवान बिरसा मुंडा के विचार और आदर्श समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।







